2 से 6 फरवरी तक वन अधिकार नियमों को लेकर विशेष बैठकों का आयोजन – मंजीत शर्मा

एसडीएम ने पंचायतों के क्लस्टर बनाकर बैठकों का शेड्यूल किया जारी, अधिकारी किए तैनात

शिमला टाइम

अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, जिसे वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के तहत शिमला ग्रामीण में व्यक्तिगत व सामुदायिक दावे प्रस्तुत करने के लिए फरवरी माह में जागरूकता बैठकें आयोजित की जाएगी। एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा ने इस बारे में मंगलवार को कार्यालय आदेश जारी कर दिए है।
एसडीएम मंजीत शर्मा ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत शिमला ग्रामीण में व्यक्तिगत व सामुदायिक दावे प्रस्तुत करने के लिए जागरूकता बैठकें 2 फरवरी से 6 फरवरी 2026 में आयोजित की जाएगी। इसमें शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की सभी पंचायतों को 09 क्लस्टर में बांटा गया है और हर कलस्टर के लिए अधिकारी की नियुक्ति की गई है। इसमें नियुक्ति किए गए अधिकारी को बैठक में मौजूद रहना होगा और जो अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं होगा उसके खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह बैठकें प्रातः 10 बजे से दोपहर 01 बजे तक आयोजित की जाएगी।

जागरूकता बैठकों के लिए पंचायतों के क्लस्टर बनाकर अधिकारी किए नियुक्त
02 फरवरी, 2026 को उप-तहसील कार्यालय धामी जिला शिमला के पिपलीधार, ओखरु, घैच-कोहबाग, घण्डल, हलोग (धामी), बठमाना (जाबरी) तथा मायली (जेजड) में राकेश कुमार शर्मा नायब तहसीलदार धामी मौजूद रहेंगे। विकासखण्ड अधिकारी कार्यालय टूटू (हिरानगर-बनूटी) जिला शिमला के शकराह, पाहल, चलहोग, भलोह, घणाहट्टी, ग्रेवग नैहरा, मूलबरी देवनगर, दुधालटी, जनोल, गलोट, शामलाघाट, चायली, गिरब, सांगटी सन्होग, नेरी, टूटू (मजठाई) व बाईचडी में मनजीत शर्मा उप-मण्डलाधिकारी शिमला ग्रामीण मौजूद रहेंगे।
विकासखण्ड अधिकारी कार्यालय बसंतपुर जिला शिमला के चनोग, चलाहल, थाची, नैहरा व कोटला में विकास खण्ड अधिकारी बसन्तपुर नीलकण्ठ शर्मा को नियुक्त किया गया है।
04 फरवरी, 2026 को कार्यालय ग्राम पंचायत चमियाणा के चमियाणा, मैहली, सल्याणा, रझाणा, पुजारली व पटगैहर में रजनीश कौण्डल सामाजिक शिक्षा एवं खंड नियोजन अधिकारी मौजूद रहेंगे।
कार्यालय ग्राम पंचायत कोटी के जुन्गा, कोटी, भरेच, भलोग, पीरन, सतलाई, जनेडघाट, दरभोग व बराण्डी फतैची में तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा मौजूद रहेंगे। कार्यालय ग्राम पंचायत शोघी के शोघी, थड़ी, जलैल, आन्नदपुर, कोट व बढई में तहसीलदार शिमला ग्रामीण संजीव गुप्ता को नियुक्त किया गया। कार्यालय ग्राम पंचायत बागी (जाठिया देवी) के चनोग, धमून, बागी व रामपुर क्योथंल में उप-मण्डलाधिकारी शिमला ग्रामीण मनजीत शर्मा को नियुक्त किया गया है।
6 फरवरी, 2026 को समिति हॉल मशोबरा जिला शिमला के नालदेहरा, माँजू (डाबरी), बल्देयां, मशोबरा, गुम्मा, कुफरी, नाला, ढल्ली, कोल्लू का जुब्बड व मूलकोटी में सामाजिक शिक्षा एवं खंड नियोजन अधिकारी रजनीश कौण्डल को नियुक्त किया गया है। कार्यालय ग्राम पंचायत पगोग के पगोग, चैड़ी, डुम्मी, भोंट तथा बरमु (केल्टी) में उप-मण्डलाधिकारी शिमला ग्रामीण मनजीत शर्मा को नियुक्त किया गया है।

वन अधिकार नियम 2006
अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, जिसे वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 के रूप में जाना जाता है, भारत में जल, जंगल और जमीन पर आश्रित समुदायों के अधिकारों को कानूनी मान्यता देने के लिए बनाया गया है। इस अधिनियम के तहत वनों में रहने वाली अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और अन्य पारंपरिक वन निवासियों (OTFD) के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय को सुधारना और उन्हें जमीन व संसाधनों पर कानूनी अधिकार देना है। इसमें अनुसूचित जनजाति, जो मुख्य रूप से वनों में रहते हैं और आजीविका के लिए वन भूमि पर निर्भर हैं, इसके अलावा अन्य पारंपरिक वन निवासी वह लोग जो 13 दिसंबर, 2005 से पहले कम से कम 3 पीढ़ी (75 वर्ष) से वनों में रह रहे हैं। अधिनियिय में व्यक्तिगत अधिकार (Individual Rights) वन भूमि पर खेती और निवास का अधिकार (अधिकतम 4 हेक्टेयर तक) है। वहीं सामुदायिक अधिकार (Community Rights) निस्तार (उपयोग) का अधिकार, जैसे चराई, मत्स्य पालन और लघु वन उपज (जैसे महुआ, तेंदू पत्ता) को इकट्ठा करने और बेचने का अधिकार है। समुदाय को अपने वनों और वन्यजीवों की रक्षा और प्रबंधन करने का अधिकार दिया गया है।
इस अधिनियम के तहत अधिकार प्राप्त करने की प्रक्रिया ग्राम सभा, जिन्हें मौहाल सभा भी कहा जाता है, से शुरू होती है, जहाँ दावों का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद उप-मंडल और जिला स्तरीय समितियों द्वारा इसकी जांच की जाती है।

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