केंद्रीय बजट 2026 विकसित व आत्मनिर्भर भारत की ओर निर्णायक कदम : रणधीर शर्मा

कांग्रेस बिना तथ्यों के विरोध कर रही है, हिमाचल को नुकसान नहीं बल्कि 100 गुना अधिक सहायता मिल रही है

शिमला टाइम

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं विधायक श्री रणधीर शर्मा ने आज शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी द्वारा प्रस्तुत आम बजट 2026-27 आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि यह बजट परंपरागत लोकलुभावन घोषणाओं वाला नहीं बल्कि सुधारवादी और दूरदर्शी बजट है, जो देश को विश्व की तीसरी आर्थिक शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक उथलपुथल, अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने की धमकियां, चीन द्वारा रियर अर्थ मटेरियल सप्लाई रोकना तथा हालिया अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों जैसी चुनौतियों के बीच भी भारत ने सशक्त बजट प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि 2014 से पूर्व भारत विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी की नीतियों एवं निर्णायक नेतृत्व से आज भारत विश्व की चौथी आर्थिक शक्ति बन चुका है।
रक्षा, आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता
रणधीर शर्मा ने कहा कि भारत अब किसी भी क्षेत्र में विदेशों पर निर्भर नहीं रहना चाहता। इसी सोच के तहत बजट में रक्षा क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और 15% वृद्धि के साथ ₹7.8 लाख करोड़ का रक्षा बजट प्रावधान किया गया है। देश अब हथियार, फाइटर जेट, माइक्रोचिप्स और सेमीकंडक्टर भी स्वयं बनाएगा।
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर को मजबूती और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देकर भारत को आयातक नहीं बल्कि निर्यातक देश बनाने का प्रयास इस बजट में स्पष्ट दिखाई देता है। रियर अर्थ मिशन, टेक्सटाइल इंटीग्रेटेड मिशन और ₹10,000 करोड़ की बायोफार्मा शक्ति योजना भारत को वैश्विक फार्मा एवं मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में निर्णायक होगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर में ऐतिहासिक पूंजीगत व्यय
भाजपा मीडिया प्रदेश प्रभारी ने कहा कि भाजपा सरकारों ने हमेशा इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की रीढ़ माना है। आज केंद्र सरकार ने पूंजीगत व्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है। इससे देश में सड़क, रेल, जलमार्ग, हवाई मार्ग, पर्यटन और औद्योगिक नेटवर्क को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेज-4 में अब 250 से अधिक आबादी वाले गांव भी जुड़ रहे हैं, जिससे ग्रामीण विकास को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
कांग्रेस आलोचना के लिए आलोचना कर रही है
रणधीर शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी बिना तथ्यों के केंद्र सरकार का विरोध कर रही है। कांग्रेस ने पिछले साढ़े तीन वर्ष भाजपा को कोसने में बर्बाद कर दिए और अब अगले एक वर्ष भी वही नीति अपनाने जा रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सहित कांग्रेस नेता बार-बार कहते हैं कि हिमाचल को कुछ नहीं मिला, जबकि सच्चाई यह है कि हिमाचल को पहले से कई गुना अधिक सहायता मिल रही है।
हिमाचल को कर हस्तांतरण में ₹13,949 करोड़ – 2500 करोड़ अधिक
रणधीर शर्मा ने कहा कि टैक्स डिवोल्यूशन के तहत हिमाचल को इस बजट में ₹13,949 करोड़ मिले हैं, जो पिछली बार से लगभग ₹2,500 करोड़ अधिक है। कांग्रेस यह बताने से बच रही है कि हिमाचल को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
रेल बजट में ₹2,911 करोड़ – कांग्रेस काल से 27 गुना ज्यादा
उन्होंने कहा कि हिमाचल को रेल बजट में ₹2,911 करोड़ दिए गए हैं, जो कांग्रेस शासन की तुलना में 27 गुना अधिक है। राज्य में इस समय ₹17,711 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
अमृत स्टेशन योजना में हिमाचल के 4 स्टेशन शामिल हैं और ₹46 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। हिमाचल में वंदे भारत एक्सप्रेस चल रही है तथा 100% विद्युतीकरण लक्ष्य पूरा हो चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार रेलवे नेटवर्क विस्तार में सहयोग नहीं कर रही और 1900 करोड़ रुपये की देनदारी आज भी बाकी है।
विशेष राज्य दर्जा मोदी सरकार ने लौटाया, कांग्रेस ने छीना था
रणधीर शर्मा ने कहा कि हिमाचल को विशेष राज्य दर्जा और 90:10 फंडिंग का लाभ आदरणीय अटल जी ने दिया था, जिसे मनमोहन सिंह सरकार ने वापस ले लिया। प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे पुनः बहाल किया, जिसके कारण आज हिमाचल को प्रत्येक योजना में 90% केंद्र सहायता मिल रही है।
RDG अस्थायी व्यवस्था थी, कुप्रबंधन का दोष केंद्र पर नहीं
रणधीर शर्मा ने कहा कि जिस RDG को लेकर कांग्रेस रो रही है, वह एक अस्थायी व्यवस्था थी। 16वें वित्त आयोग ने पूरे देश के लिए सिफारिशें की हैं। यदि हिमाचल सरकार ने ग्रांट का उपयोग घाटा कम करने की बजाय गलत तरीके से किया, तो यह राज्य सरकार का कुप्रबंधन है, केंद्र का दोष नहीं।

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