बच्चों के स्वास्थ्य से समझौता नहीं है मंजूर – उपायुक्त

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सलाहकार समिति की 9वीं बैठक आयोजित

शिमला टाइम

उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से समझौता किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है, इसलिए ऐसी वस्तुओं की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाए जो बिना किसी लेबल के बाजार में बिक रही हैं।
उपायुक्त आज यहाँ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की 9वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि गर्मी का मौसम आ रहा है और ऐसे में बाजार में कई ऐसी खाद्य वस्तुएं उपलब्ध रहती हैं जिनकी गुणवत्ता की कोई जानकारी नहीं होती इसलिए यह जरूरी है कि ऐसे पदार्थों की बाजार में बिक्री न हो। ऐसे खाद्य पदार्थों की जांच अवशय करें जिनमें कृत्रिम रंग या स्वाद के लिए केमिकल का उपयोग किया जा रहा हो। उन्होंने विभाग को खाद्य वस्तुओं के सैंपल बढ़ाने के निर्देश दिए।

दूर दराज क्षेत्रों से लें सैंपल, लोगों को करें जागरूक
उन्होंने कहा कि विभाग आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बनने वाले खाने के भी सैंपल एकत्रित कर उनकी जाँच करे। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा मशोबरा, घणाहट्टी आदि क्षेत्रों के शिक्षण संस्थानों से मिड-डे मील के सैंपल लिए गए थे जिस पर उपायुक्त ने विभाग को जिला के दूर दराज के क्षेत्रों से भी सैंपल लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग को रोहड़ू, चिड़गांव, कुपवी, चौपाल जैसे दूर दराज क्षेत्रों से भी सैंपल लेने चाहिए और वहां की जनता को जागरूक करने के लिए जागरूकता कैंप आयोजित करने चाहिए।
गत बैठक में उपायुक्त ने स्कूल परिसरों के नजदीक चल रहे खाद्य विक्रेताओं की जांच और उन्हें जागरूक करने के निर्देश दिए थे जिस पर उन्हें अवगत करवाया गया कि गत बैठक से लेकर अभी तक 12 निगरानी नमूने लिए गए हैं और नगर निगम के खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षण संस्थानों में लगभग 30 निरीक्षण किए गए हैं। इसके अलावा, लगभग 600 स्ट्रीट फूड विक्रेता के लिए गत वर्ष दिसंबर में खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण और प्रमाणन (फॉस्टैक) द्वारा प्रशिक्षण आयोजित किया गया था।

होटल और भोजन प्रतिष्ठानों की भी हो जांच, शादियों से भी लें सैंपल
उपायुक्त ने ग्रामीण और नगर निगम क्षेत्र के तहत होटल और भोजन प्रतिष्ठानों की भी जांच के निर्देश दिए थे जिस पर अवगत करवाया गया कि गत वर्ष से लेकर अभी तक 67 प्रवर्तन नमूने और 88 निगरानी नमूने जिला में एकत्रित किए गए हैं। इसी प्रकार, नगर निगम क्षेत्र में 80 प्रवर्तन नमूने और 85 निगरानी नमूने एकत्रित किये गए हैं। उपायुक्त ने कहा कि शादियों में भी सैंकड़ों लोगों के लिए खाना बनता है इसलिए उस खाने के भी सैंपल लेना जरुरी है ताकि किसी की सेहत के साथ कोई खिलवाड़ न हो।
बैठक में बताया गया कि निर्णायक अधिकारी (अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी) द्वारा 15 मामले निपटाए गए हैं जबकि 01 मामला जुब्बल कोर्ट में फाइल किया गया है और 26 मामले कोर्ट में फाइल किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, नगर निगम क्षेत्र में गत तीन माह में 57 सुधार नोटिस जारी किये गए हैं और 56 खाद्य व्यवसाय संचालकों द्वारा अनुपालन रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। यह भी बताया गया कि 03 जुलाई 2025 से लेकर अभी तक नगर निगम क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा लाइसेंसिंग और पंजीकरण 280 लाइसेंस जारी किये गए हैं। इसी प्रकार, जिला में कुल 238 लाइसेंस और 1849 पंजीकरण जारी किये गए हैं।
उपायुक्त ने विभाग को मोबाइल फ़ूड टेस्टिंग लेबोरेटरी को भी कार्यशील बनाने के निर्देश दिए और उसके माध्यम से लोगों को जागरूक करने को कहा।

यह रहे उपस्थित
बैठक में सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) वीरेंद्र चौहान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सुनील शर्मा, जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान, होटल इंस्पेक्टर दलीप ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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