शिमला टाइम
रामपुर जलविद्युत स्टेशन (412 मेगावाट) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक का सबसे अधिक 2108.034 मिलियन यूनिट का वार्षिक विद्युत उत्पादन दर्ज किया है। यह उत्कृष्ट उपलब्धि, इसके 11 वर्ष के प्रचालनरत इतिहास में पहली बार 2100 मिलियन यूनिट का आंकड़ा पार करने का प्रतीक है। इससे पहले अब तक का सर्वाधिक उत्पादन 2019–20 में 2098.03 मिलियन यूनिट था, जिसे अब छह साल बाद पीछे छोड़ दिया गया है।
इसके साथ ही, परियोजना ने अपने 1,878 मिलियन यूनिट के डिज़ाइन एनर्जी लक्ष्य को भी निर्धारित समय से काफी पहले पूरा कर लिया था, जो कि इसके कमीशन होने के बाद से सबसे तेज़ उपलब्धि रही है।
सबसे तेज़ डिज़ाइन एनर्जी उपलब्धि से लेकर अब तक के सर्वाधिक वार्षिक उत्पादन तक, रामपुर एचपीएस केवल अपेक्षाओं पर खरा ही नहीं उतर रहा, बल्कि उन्हें एक नई दिशा भी दे रहा है।
इस उपलब्धि पर अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन श्री भूपेंद्र गुप्ता ने सम्पूर्ण टीम को बधाई दी और कहा कि 2100 मिलियन यूनिट का आंकड़ा पार करना न केवल उपलब्धि है, बल्कि यह हमारी टीम की प्रतिबद्धता, तकनीकी दक्षता और उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति का प्रमाण है।
अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक), एसजेवीएन ने इस उल्लेखनीय सफलता का श्रेय परियोजना से जुड़े सभी कर्मचारियों के समर्पण, कड़ी मेहनत और टीम भावना को दिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना ने न केवल उत्कृष्ट उत्पादन उपलब्धि हासिल की है, बल्कि परियोजना स्थल के आस-पास के क्षेत्रों के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
पार्थजित डे, निदेशक (वित्त), एसजेवीएन ने भी कर्मचारियों को बधाई दी और कहा कि ये उपलब्धियाँ संगठन की सुदृढ़ प्रचालन क्षमताओं और देश के ऊर्जा क्षेत्र में इसके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाती हैं।
इस अवसर पर, परियोजना प्रमुख श्री विकास मारवाह ने कहा कि यह उपलब्धि हमारी पूरी कार्यबल की अटूट समर्पण भावना, तकनीकी उत्कृष्टता और टीमवर्क का प्रमाण है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक का सबसे अधिक उत्पादन हासिल करना हमारी परिचालन दक्षता, विश्वसनीयता और संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
रामपुर एचपीएस दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन के तहत लगातार नए मानक स्थापित कर रहा है—सिर्फ अपेक्षाओं को पूरा ही नहीं कर रहा, बल्कि उन्हें लगातार नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।











