शिमला टाइम बीते दिनों जनवरी माह में तमिलनाडु के तंजावुर जिले के सेक्रेड हार्टस ईसाई मिशनरी स्कूल के अंदर जबरन धर्मांतरण करने के दवाब बनाए जाने की वजह से आत्महत्या करने वाली छात्रा लावण्या को न्याय दिलवाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी ने शिमला में धरना प्रदर्शन किया।Continue Reading

 शिमला टाइम अब भाजपा कार्यकर्ताओ को अपनी समस्याओं को लेकर सचिवालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा अब संगठन और सरकार के बीच तालमेल बनाने में जुटी है।  कार्यकर्ताओ की समस्याओं को सुनने के लिए मंत्री भाजपा के प्रदेश कार्यालय दीपकमल में बैठेंगे। जहा भाजपाContinue Reading

शिमला टाइम वेतन विसंगति को लेकर आज हिमाचल प्रदेश सयुंक्त कर्मचारी महासंघ ने प्रेस वार्ता कर त्रुटियों को उजागर किया और 15% वृद्धि वाले विकल्प से होने वाले नफा नुकसान के बारे में कर्मचारियों को जागरूक करने का प्रयास किया गया और जिसमें पूरे तथ्यों सहित आंकड़े प्रस्तुत किए गएContinue Reading

शिमला टाइम 17 फरवरी से सभी शिक्षण संस्थानों को सरकार ने खोलने का निर्णय लिया है। जिसको लेकर आपदा प्रबंधन की एसओपी के साथ शिक्षा विभाग ने अलग से स्कूलों को एसओपी जारी की है। जिसकी पालना करवाना स्कूलों के लिए जरूरी होगा। स्कूलों में मॉर्निंग असेंबली के साथ सांस्कृतिकContinue Reading

शिमला टाइम हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक बार फिर मौसम बदलने वाला है। प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 17 फरवरी तक लगातार 3 दिन बारिश व बर्फबारी का पूर्वानुमान है। हालांकि इस दौरान मैदानी भागों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 15Continue Reading

शिमला टाइम भाजपा हिमाचल प्रदेश की बैठक वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुई जिसमें विशेष रूप से राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी महिंदर पांडेय एवं केंद्र भाजपा से विष्णु मित्तल उपस्थित रहे।बैठक का संचलन भाजपा प्रदेश महामंत्री त्रिलोक जम्वाल ने किया।बैठक को संबोधित करते हुए सुरेश कश्यप ने कहा प्रदेश भर में भाजपाContinue Reading

वन विभाग हिमाचल प्रदेश ने प्रदेश में ईको टूरिज्म़ विषय पर हितधारक बैठक का किया आयोजन शिमला टाइम वन विभाग मुख्यालय शिमला में अजय श्रीवास्तव, प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश ईको टूरिज्म़ विषय पर एक हितधारक बैठक का आयोजन किया गया। इस क्षेत्र मेंContinue Reading

भारत में बेची गई प्रोडक्ट पैकेजिंग के बराबर 100 फीसदी प्लास्टिक वेस्ट को रीसायकल किया हिमाचल प्रदेश में शुरू किया ‘सेव द एनवायरनमेन्ट’ अभियान शिमला टाइम  भारत की सबसे बड़ी विज्ञान आधारित आयुर्वेद कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड अब 100 फीसदी ‘प्लास्टिक वेस्ट न्यूट्रल कंपनी’ बन चुकी है। डाबर ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान देश भर से लगभग 27,000 मीट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट इकट्ठा कर इसे प्रोसेस और रीसायकल किया है। डाबर इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने वाली भारत की पहली कन्ज़्यूमर गुड्स कंपनी बन गई है। आज डाबर उतनी ही मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट को इकट्ठा कर इसे प्रोसेस एवं रीसायकल करती है, जितनी मात्रा में यह साल भर में अपने प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग के तौर. पर बेचती है। इस तरह डाबर 100 फीसदी ‘प्लास्टिक वेस्ट न्यूट्रल’ कंपनी बन चुकी है। यह डाबर इंडिया परिवार के लिए बेहद गर्व की बात है कि हमने न सिर्फ हमारे शहरों, नगरों और गांवों से प्लास्टिक वेस्ट को इकट्ठा करने के लिए काम किया है, बल्कि इस अपशिष्ट को लैण्डफिल एवं समुद्रों में पहुंचने से रोका भी है। इसमें पीईटी बोतलों, एचडीपीई बोतलों से लेकर पीपी कैप्स, मल्टी लेयर्ड प्लास्टिक और बेवरेज कार्टून तक हर तरह का प्लास्टिक वेस्ट शामिल है। समाज के प्रति ज़िम्मेदार कॉर्पोरेट होने के नाते डाबर हमेशा से पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रयासरत रही है। हमने पर्यावरण की सुरक्षा, सामाजिक एवं प्रशासनिक कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति की है और अब हम पहली भारतीय प्लास्टिक वेस्ट न्यूट्रल एफएमसीजी कंपनी बन गए हैं।“डाबर इंडिया लिमिटेड के एक्ज़क्टिव डायरेक्टर – ऑपरेशन्स शाहरूख ए. खान ने कहा। डाबर ने साल 2021-22 मे देश भर से 22,000 मीट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट को इकट्ठा कर इसे प्रोसेस एवं रीसायकल करने का लक्ष्य रखा था। ‘‘हमने निर्धारित समय से तीन महीने पहले ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया है और साल भर के लिए अपने लक्ष्य को बढ़ाकर 26,956 मीट्रिक टन कर दिया है। हम देश भर में सरकार के साथ पंजीकृत रीसायक्लिंग पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और हमने शहरों, गावों एवं नगरों में प्लास्टिक वेस्ट में कमी लाने के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। हम आम जनता को प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेन्ट के बारे में जागरुक भी बना रहे हैं। इकट्ठा किए गए प्लास्टिक वेस्ट को अलग-अलग रीसायक्लर्स, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट एवं सीमेंट किल्न में भेज दिया जाता है।’’  खान ने कहा। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेन्ट नियम 2016, 2018 (संशोधित) के तहत, डाबर ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेन्ट प्रयासों की शुरूआत साल 2017-18 में की। इस पहल के तहत डाबर अब तक देश के 150 शहरों में स्थानीय कूड़ा बीनने वालों की मदद से 54,000 मीट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट (रीसायक्लेबल और नॉन-रीसायक्लेबल) को इकट्ठा कर चुकी है। डाबर ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेन्ट पर राज्य एवं केन्द्र सरकार के नियमों और निर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने तथा इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सशक्त ऑडिट प्रणाली को भी अपनाया है। “पर्यावरण की सुरक्षा के अपने उद्देश्यों के मद्देनज़र डाबर ने हिमाचल प्रदेश में एक विशेष अभियान ‘सेव द एनवायरमेन्ट’ का लॉन्च भी किया है जो आम जनता को अपने घर में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेन्ट के बारे में जागरुक बनाता है। कंपनी प्लास्टिक बैग्स के बजाए कॉटन बैग््स के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए समुदायों में कॉटन बैग्स भी बांटेगी।“ डाबर इंडिया लिमिटेड में कॉर्पोरेट हैड – एनवायरमेन्ट, हेल्थ एण्ड सेफ्टी श्री तुषार पटनायक ने बताया। हिमाचल प्रदेश में प्लास्टिक वेस्ट संग्रहण अभियान की शुरूआत 2018-19 में की गई और डाबर अब तक राज्य में 870 मीट्रिक टन से अधिक प्लास्टिक वेस्ट इकट्ठा कर चुकी है। अपने इस पृ्रयासों के तहत डाबर छोटे नगरों एवं गांवों के स्कूली बच्चों के साथ भी काम कर रही है, उन्हें विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट और इन्हें अलग करने के फायदों के बारे में जागरुक बना रही है। ‘‘हम सरकारी स्कूलों को भी कूड़ा दान, सेनिटेशन सुविधाएं, जानकारी, शिक्षा सामग्री आदि उपलब्ध कराकर उनकी मदद कर रहे हैं। हमारा मानना है कि अपने इन प्रयासों से हम स्वच्छ भारत एवं स्वच्छ हिमाचल प्रदेश के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दे सकते हैं। हम राज्य में स्थानीय कूड़ा बीनने वालों, कूड़ा इकट्ठा करने वालों और रीसायकलर्स की आजीविका एवं स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए भी प्रयासरत हैं।“ पटनायक ने कहा। डाबर नवम्बर 2018 से केन्द्रीय प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के साथ पंजीकृत कंपनी है और देश के सभी राज्य प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड्स के साथ भी जुड़ी है। यह देश भर से विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक वेस्ट इकट्ठा करती है। ‘‘हम अपने संचालन क्षेत्रों में प्राकृतिक स्रोतों पर कम से कम प्रभाव उत्पन्न करने के लिए काम करते हैं और इसके लिए हम न सिर्फ नियमों का पालन करते हैं बल्कि पूरी ज़िम्मेदारी के साथ अपने देश और अपनी धरती की सुरक्षा के लिए भी काम करते हैं। हम आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती की खूबसूरती एवं संसाधनों को बरक़रार रखना चाहते हैं। डाबर में हम अपने हर कदम के साथ स्थायी भविष्य की दिशा में कार्यरत हैं। “पटनायक ने कहा। डाबर इंडिया लिमिटेड के बारे मेंः डाबर इंडिया भारत की अग्रणी एफएमसीजी कंपनियों में से एक है। पिछले 137 सालों से गुणवत्ता की धरोहर को बनाए रखते हुए आज डाबर भारत का सबसे भरोसेमंद नाम बन चुका है और दुनिया की सबसे बड़ी आयुर्वेदिक एवं नैचुरल हेल्थकेयर कनी है। इंडिया के एफएमसीजी पोर्टफोलियो में नौ पावर ब्राण्ड्स शामिल हैं-हेल्थकेयर स्पेस में डाबर च्यवनप्राश, डाबर हनी, डाबर हनीटस, डाबर पुदीन हरा और डाबर लाल तेल; पर्सनल केयर स्पेस में डाबर आंवला, डाबर रैड पेस्ट और वाटिका; तथा फूड कैटेगरी में रियल।Continue Reading

शिमला टाइमप्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न हितधारकों और विभागीय अधिकारियों के अनुरोध पर माल और सेवा कर में सम्मिलित अधिनियमों के तहत लम्बित मामलों और बकाया राशि के निपटान के लिए हिमाचल प्रदेश स्वर्ण जयंती योजना (विरासत मामले समाधान) 2021 आरम्भ की गई है। इससे करदाताओं को अनिवार्य दस्तावेज प्राप्त करनेContinue Reading

शिमला टाइम SFI राज्य कमेटी हिमाचल प्रदेश द्वारा शिमला जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर पुलवामा हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रदर्शन के माध्यम से अर्धसैनिक बलों के विभिन्न मुद्दों को सरकार के समक्ष रखा।SFI का मनना है कि हर शहीद पाकिस्तान की गोली खाकर ही नहीं मरता। कोईContinue Reading