CBSE शिक्षक नियुक्ति की पारदर्शी प्रक्रिया का राजनीतिकरण नहीं करेंगे बर्दाश्त, नियमों में फेरबदल कर अवसरवादी लोगों के स्वार्थ के लिए सरकार कर रही अक्षम्य अपराध

शिमला टाइम
हिमाचल प्रदेश पुरस्कृत शिक्षक मंच सीबीएसई स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति के विषय में किए जाने वाले फेर बदल की कठोर शब्दों में निंदा करता है। पुरस्कृत शिक्षक मंच हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष एवं राष्ट्रपति पुरस्कार शिक्षक मंच के सचिव (उत्तर भारत) के अनुसार सीबीएसई शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी बनाया गया था जिसका राजनीतिकरण करना सरासर गलत और अन्याय संगत है । यदि सरकार कुछ अवसरवादी लोगों के स्वार्थ के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव करती है तो ये सरकार चलाने वाले जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाने वाला अक्षम्य अपराध होगा ।

हिमाचल प्रदेश पुरस्कृत शिक्षक मंच के अध्यक्ष राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2022 प्राप्त शिक्षक व सचिव (उत्तर भारत) राष्ट्रपति पुरस्कार शिक्षक मंच भारतवर्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार को ऐसा निर्णय लेने से पहले यह ज़रूर सोचना चाहिए कि मुठीभर स्वार्थी लोगों की वजह से प्रदेश के 78000 शिक्षक उनके इस निर्णय के विरुद्ध हो जाएँगे । हालांकि प्रदेश में बहुत कम ऐसे शिक्षक हैं जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उनके बेहतरीन शिक्षण कार्य के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है और बहुत कम ऐसे हैं को राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक हैं । इन ख्याति प्राप्त शिक्षकों ने भी विभाग द्वारा आयोजित चयन परीक्षा में भाग लिया और मेरिट हासिल की । ऐसे में अगर अंतिम चरण में पहुंच कर सरकार इस प्रक्रिया का राजनीतिकरण करती है तो यह संपूर्ण प्रक्रिया को विफल बनाने के सिवा और कुछ नहीं होगा । पुरस्कृत शिक्षक मंच शिक्षा सचिव हिमाचल प्रदेश द्वारा बनाई गई चयन प्रक्रिया की प्रशंसा करता है और सरकार से निवेदन करता है कि इसमें किसी भी तरह का फेरबदल ना किया जाए । सीबीएसई स्कूलों में मौलिक व्यवस्था के अनुसार मेरिट के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाए और अगर ऐसा नहीं किया जाता तो मजबूरन मंच को न्यायालय की शरण में जाना पड़ेगा ।




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