थोपन गर्म पानी क्षेत्र में फंसी गाय को चार दिवसीय अभियान के बाद सुरक्षित निकाला

शिमला टाइम
जिला किन्नौर के थोपन गर्म पानी क्षेत्र के समीप सतलुज नदी के दूसरी ओर अत्यंत दुर्गम क्षेत्र में फंसी गाय को जिला प्रशासन एवं विभिन्न बचाव दलों के संयुक्त प्रयासों से आज सुबह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र किन्नौर को 1 अक्तूबर को गाय के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई थी।
सूचना मिलते ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किन्नौर की अध्यक्ष एवं उपायुक्त किन्नौर सोनाक्षी सिंह तोमर ने आवश्यक संसाधन सक्रिय करते हुए बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। अभियान की निगरानी एवं संचालन परियोजना अधिकारी आईटीडीपी घनश्याम दास शर्मा, कमांडेंट होम गार्ड्स सुरेश कुमार, उपमंडलाधिकारी (नागरिक) कल्पा प्रवीण भारद्वाज तथा टीएंडसीबीसी, डीडीएमए किन्नौर सौरभ धीमान के पर्यवेक्षण में किया गया।


बचाव अभियान में होम गार्ड्स प्रथम बटालियन किन्नौर की टीम ने कंपनी कमांडर सुखदेव सिंह के नेतृत्व में त्वरित प्रतिक्रिया दल के साथ भाग लिया। पुलिस विभाग से हेड कांस्टेबल राजेश एवं उनकी टीम तथा एटीओए किन्नौर से रणदीप एवं राज कृष्ण भी अभियान में शामिल रहे।
गाय के फंसे होने का स्थान अत्यंत संकरा एवं दुर्गम था तथा सतलुज नदी का बहाव भी तेज एवं खतरनाक था। बचाव दलों द्वारा एल्युमिनियम सीढ़ी तथा प्रशिक्षित तैराक की सहायता से गाय तक पहुंचने के प्रयास किए गए, लेकिन विषम परिस्थितियों के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
स्थिति को देखते हुए 3 अक्तूबर को 14वीं बटालियन एनडीआरएफ, ज्यूरी की टीम इंस्पेक्टर महेंद्र नेगी तथा एसडीआरएफ शिमला की टीम एएसआई अश्वनी सिंह के नेतृत्व में अभियान में शामिल हुई।
चार दिनों तक चले इस चुनौतीपूर्ण अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस, होम गार्ड्स, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय से निरंतर प्रयास किए। अंततः 5 अक्तूबर की सुबह हाइड्रा क्रेन की सहायता से गाय को नदी के तल से सफलतापूर्वक सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
उपायुक्त किन्नौर सोनाक्षी सिंह तोमर ने कहा कि जिला प्रशासन ने अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बेजुबान पशु की जान बचाने के लिए चलाया गया यह बहु-विभागीय अभियान प्रशासन की संवेदनशीलता, तत्परता एवं पशु सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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