लाहौल-स्पीति में भी भाजपा समर्थित अध्यक्ष की जीत, 12 में से 11 जिला परिषदों में भाजपा समर्थित नेतृत्व ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता का संदेश स्पष्ट किया : डॉ. राजीव बिंदल

मुख्यमंत्री के गृह जिले से लेकर उपमुख्यमंत्री के गृह जिले, शिमला-कांगड़ा और अब लाहौल-स्पीति तक भाजपा का परचम; यह सुक्खू सरकार के खिलाफ जनमत संग्रह : बिंदल

शिमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि लाहौल-स्पीति जिला परिषद में भाजपा समर्थित उम्मीदवार के अध्यक्ष चुने जाने के बाद प्रदेश की जनता का राजनीतिक संदेश एक बार फिर स्पष्ट हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 12 जिला परिषदों में अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया के बाद 11 जिला परिषदों में भाजपा समर्थित नेतृत्व सामने आया है और यह कांग्रेस सरकार के कामकाज के प्रति जनता के रुख को दर्शाता है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि आज लाहौल-स्पीति जिला परिषद अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित ठिनले दिचेन की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति में अध्यक्ष पद का चुनाव लंबे इंतजार के बाद हुआ और अंततः भाजपा समर्थित उम्मीदवार ने जीत दर्ज की।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले से लेकर उपमुख्यमंत्री के गृह जिले तक और शिमला, कांगड़ा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में भाजपा समर्थित नेतृत्व का उभरना अपने आप में बड़ा राजनीतिक संदेश है। राजधानी शिमला की जिला परिषद में भी भाजपा समर्थित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने गए हैं।

डॉ. बिंदल ने कहा, “प्रदेश की जनता ने जिला परिषद चुनावों के माध्यम से कांग्रेस सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है। लाहौल-स्पीति में भी भाजपा समर्थित अध्यक्ष की जीत ने इस संदेश को और मजबूत किया है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार और उसके नेताओं ने जिला परिषदों में अपना नेतृत्व बनाने के लिए पूरी ताकत लगाई, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश जिला परिषदों में भाजपा समर्थित नेतृत्व सामने आया। उन्होंने लाहौल-स्पीति में कांग्रेस पर सत्ता और सरकारी प्रभाव के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इन तमाम प्रयासों के बावजूद भाजपा समर्थित उम्मीदवार अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुईं।

डॉ. बिंदल ने कहा, “हम इन परिणामों को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार, उनकी कैबिनेट और कांग्रेस के कामकाज पर जनता के जनमत संग्रह के रूप में देखते हैं। जनता ने पंचायत से जिला परिषद तक अपने मत के माध्यम से अपनी बात रखी है।”

उन्होंने कहा कि जिला परिषद चुनाव स्थानीय निकायों के चुनाव हैं और इनमें जनता ने अपने प्रतिनिधियों को चुनकर भेजा है। भाजपा इन परिणामों को संगठन और कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी जिम्मेदारी के रूप में भी देखती है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा समर्थित निर्वाचित प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में विकास, जनसेवा और स्थानीय समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।

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