शिमला टाइम
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने पांगी दौरे से लौटते समय लाहौल घाटी के शुगू क्षेत्र का दौरा कर वहां की जा रही ब्लूबेरी की खेती का निरीक्षण किया। इस अवसर पर बागवानी विभाग की उपनिदेशक मीनाक्षी शर्मा भी उनके साथ उपस्थित रहीं। मंत्री ने ब्लूबेरी के पौधों को देखकर किसान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा इसे घाटी में बागवानी के क्षेत्र में एक नई संभावना बताया।
मंत्री जगत सिंह नेगी ने बागवानी विभाग को निर्देश दिए कि घाटी में ब्लूबेरी की खेती को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक किसानों और बागवानों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि ब्लूबेरी जैसी उच्च मूल्य वाली फसल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसके उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभाग किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करे, ताकि घाटी में बागवानी के नए विकल्प विकसित किए जा सकें।
गौरतलब है कि लाहौल घाटी में ब्लूबेरी के उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। गौंधला के प्रगतिशील बागवान प्रताप चंद ने बागवानी विभाग के प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग से 500 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस में ब्लूबेरी के 500 पौधे सफलतापूर्वक उगाए हैं। इसे स्थापित करने पर लगभग 12 लाख 50 हजार रुपये की लागत आई है, जिसमें सरकार एवं बागवानी विभाग की ओर से बागवान को 9 लाख 37 हजार 500 रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है। यह पहल कम भूमि में उच्च मूल्य वाली फसल के उत्पादन की संभावनाओं को दर्शाती है।
ब्लूबेरी को देश में प्रीमियम फल के रूप में जाना जाता है और बाजार में इसकी अच्छी मांग है। ऐसे में लाहौल घाटी की जलवायु एवं परिस्थितियों के अनुरूप इसकी खेती को प्रोत्साहित करना किसानों के लिए आय के नए अवसर खोल सकता है। बागवानी विभाग द्वारा किसानों को इसकी खेती की तकनीक, पौधों की देखभाल और उत्पादन संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि घाटी के किसान और बागवान नई तकनीकों तथा फसलों को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि ब्लूबेरी की खेती के प्रति किसानों में जागरूकता बढ़ाई जाए और इच्छुक बागवानों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाए, ताकि भविष्य में लाहौल घाटी में ब्लूबेरी का उत्पादन व्यापक स्तर पर बढ़ाया जा सके।










