डॉ. मामराज पुंडीर ने उठाया कर्मचारियों के लंबित वित्तीय लाभों का मुद्दा
शिमला टाइम
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों को 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने के निर्णय के लिए धन्यवाद व्यक्त करते हुए अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व प्रांत महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने कहा कि कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का लाभ देना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि कर्मचारियों के लंबित एरियर का भुगतान कब किया जाएगा।
डॉ. पुंडीर ने कहा कि घोषित 5 प्रतिशत डीए में जुलाई 2023 से देय 1 प्रतिशत तथा जनवरी 2024 से देय 4 प्रतिशत महंगाई भत्ता शामिल है। दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि इस डीए के एरियर के भुगतान के आदेश बाद में जारी करने की बात कही जा रही है। कर्मचारियों को केवल घोषणा से नहीं, बल्कि वास्तविक भुगतान से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों का वर्ष 2016 के वेतन आयोग का एरियर लंबे समय से लंबित है। इसके अतिरिक्त महंगाई भत्ते के विभिन्न बकाया भुगतान भी सरकार के पास अटके हुए हैं। कर्मचारियों को अपने ही अर्जित वित्तीय लाभों के लिए वर्षों तक इंतजार करना पड़ रहा है। सरकार का इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर मौन रहना दुर्भाग्यपूर्ण है।
डॉ. पुंडीर ने कहा कि कर्मचारियों के लंबित डीए का मुद्दा अभी समाप्त नहीं हुआ है। जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत, जनवरी 2025 से 2 प्रतिशत, जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत तथा जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते सहित कुल 10 प्रतिशत डीए के भुगतान का मुद्दा अभी भी लंबित बताया जा रहा है। सरकार को इस संबंध में स्पष्ट स्थिति और भुगतान की समयसीमा सार्वजनिक करनी चाहिए।
उन्होंने विभिन्न अवधियों के महंगाई भत्ते के एरियर का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्मचारियों को जुलाई 2022, जनवरी 2023, जुलाई 2023, जनवरी 2024, जुलाई 2024, जनवरी 2025, जुलाई 2025 तथा जनवरी 2026 से संबंधित लंबित देनदारियों के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। अलग-अलग अवधियों के बकाया भुगतान और उनकी गणना को लेकर सरकार को पारदर्शी आदेश जारी करने चाहिए, ताकि कर्मचारियों को पता चल सके कि उनका कितना पैसा बकाया है और कब तक मिलेगा।
डॉ. पुंडीर ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और विकास सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। कर्मचारियों के वेतन और महंगाई भत्ते से संबंधित वित्तीय लाभ कोई सरकारी कृपा नहीं, बल्कि नियमानुसार देय अधिकार हैं। ऐसे में इन लाभों को लंबे समय तक रोकना कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रतिकूल है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि वर्ष 2016 के वेतन आयोग के एरियर, लंबित महंगाई भत्ते के एरियर और वर्तमान में देय डीए के भुगतान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए। एरियर के आदेश जारी करने और वास्तविक भुगतान की निश्चित समयसीमा घोषित की जाए, ताकि कर्मचारियों को बार-बार आश्वासनों के लिए इंतजार न करना पड़े।
डॉ. मामराज पुंडीर ने कहा कि कर्मचारियों को 5 प्रतिशत डीए देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद, लेकिन सरकार को यह भी बताना चाहिए कि कर्मचारियों के वर्षों से लंबित वित्तीय अधिकार कब मिलेंगे। केवल चरणबद्ध भुगतान के आश्वासन से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। सरकार को घोषणाओं से आगे बढ़कर ठोस निर्णय और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।










