मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को प्रदान किए 17.85 करोड़ रुपये के चेक, हिम रतन पुरस्कार से किया सम्मानित


राष्ट्रीय स्तर के कोच और अंतरराष्ट्रीय रेफरी को मिलेंगे तीन-तीन लाख रुपये
20 नवंबर से धर्मशाला में शुरू होगा खेलो हिमाचल अभियानः मुख्यमंत्री

शिमला टाइम

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को हिम रतन-2026 पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने प्रदेश के 419 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 17.85 करोड़ रुपये के चेक वितरित किए।
सम्मानित होने वाले खिलाड़ियों में 51 ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन किया, जबकि 368 खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों को 13.55 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 4.30 करोड़ रुपये के चेक प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने जापान में आयोजित एशियन खेल-2026 प्रतियोगिता में पुरुष मैराथन में रजत पदक विजेता एथलीट सावन बरवाल को 2.50 करोड़ रुपये, 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल करने वाली एथलीट सीमा कुमारी को 1.50 करोड़ रुपये के चेक से पुरस्कृत किया। इस प्रतियोगिता में भारत ने कबड्डी (महिला वर्ग) में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस टीम में प्रदेश की रितु नेगी, पुष्पा राणा, ज्योति ठाकुर तथा भावना ठाकुर ने भी भाग लिया। उन्हें इस अवसर पर एक-एक करोड़ रुपये के चेक प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की क्रिकेट खिलाड़ी रेणुका ठाकुर को भी एक करोड़ रुपये का चेक प्रदान कर पुरस्कृत किया।
इस अवसर पर उन्होंने सभी पदक विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता वर्षों की कड़ी मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और माता-पिता के त्याग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि खेल भी शिक्षा का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम है, जो युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करता है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें उचित मान-सम्मान प्रदान करने के लिए पुरस्कार राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। ओलंपिक, शीतकालीन ओलंपिक और पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि तीन करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं की दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर तीन करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक विजेताओं की एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये की गई है। इसी प्रकार, एशियाई खेलों और पैरा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर चार करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं के लिए 30 लाख रुपये से बढ़ाकर अढ़ाई करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक विजेताओं के लिए 20 लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम इवेंट में पदक जीतने वाले प्रत्येक खिलाड़ियों को भी कम से कम 25 प्रतिशत इनामी राशि देने का प्रावधान किया गया है, जिसे मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के कोच और अंतरराष्ट्रीय रेफरी को तीन-तीन लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और टीमों की सफलता में प्रशिक्षकों एवं रेफरी की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से खेल विभाग में सरकारी पदों का सृजन भी किया है, ताकि खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन के साथ-साथ भविष्य की सुरक्षा भी मिल सके।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि युवाओं को नशे, विशेषकर चिट्टे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार 20 नवंबर से धर्मशाला में ‘खेलो हिमाचल अभियान’ शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत क्रिकेट, वॉलीबाल और कबड्डी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें 15 से 30 वर्ष की आयु के युवक एवं युवतियां भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिताएं उप-मंडल, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 21 लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 15 लाख रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 10 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को क्रमशः दो लाख रुपये, डेढ़ लाख रुपये और एक लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने खेलो हिमाचल की ऑफिशियल वेबसाइट के साथ-साथ मस्कट का अनावरण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने और खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रतिभा और परिश्रम के साथ-साथ विश्वस्तरीय सुविधाएं भी आवश्यक हैं। इसी उद्देश्य से हमीरपुर जिला के नादौन में लगभग 170 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक इंडोर स्टेडियम विकसित किया जा रहा है। इस स्टेडियम में तैराकी, बैडमिंटन, वॉलीबाल, टेनिस, टेबल टेनिस और बॉक्सिंग सहित लगभग 14 खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करवाने की योजना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर खेल स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है तथा इनके लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण एवं अभ्यास सुविधाएं मिल सकें।
इस अवसर पर युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने कहा कि आज का दिन हिमाचल प्रदेश के खेल इतिहास में गौरव का दिन है। प्रदेश सरकार उन खिलाड़ियों को सम्मानित कर रही है, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भले ही छोटा राज्य है, लेकिन यहां के खिलाड़ियों के सपने बड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास खेलों के लिए एक सशक्त तंत्र विकसित करना है, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकें। खेल विभाग प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें उचित मंच प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनीराम शांडिल, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, स्पोर्ट्स काउंसिल के उपाध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर, कैलाश फेडरेशन के चेयरमैन बलदेव सिंह ठाकुर, सचिव प्रियंका बसु इंगटी, निदेशक युवा सेवाएं एवं खेल शिवम प्रताप सिंह तथा अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *