शिमला टाइम
गेयटी थियेटर शिमला में गुरुवार को वन्यजीव सप्ताह-2026 का समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान सचिव (वन) श्रीमती एम. सुधा देवी ने की। उन्होंने कहा कि वन्यजीव सप्ताह केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का अवसर है।
प्रधान सचिव ने इस वर्ष के केंद्रीय विषय ‘वन्यजीव आवासों का संरक्षण, स्वस्थ जीवन और आजीविका को बनाए रखना’ पर जोर देते हुए कहा कि सुरक्षित वन्यजीव आवास केवल वन्यजीवों के लिए ही जरूरी नहीं हैं, बल्कि जल, पर्यावरण, स्वास्थ्य, कृषि और आजीविका का भी आधार हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश समृद्ध जैव विविधता, घने जंगलों, ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों और ठंडे मरुस्थलीय इलाकों के कारण विशिष्ट पहचान रखता है। इन प्राकृतिक संपदाओं का संरक्षण सभी की साझा जिम्मेदारी है।
समारोह की शुरुआत प्रदर्शनी के अवलोकन और दीप प्रज्वलन से हुई। इस दौरान विभिन्न पुस्तकों एवं प्रकाशनों का विमोचन किया गया तथा सप्ताह भर आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।
वन्यजीव फोटोग्राफी प्रतियोगिता (विभागीय) में वन रक्षक अक्षय भारद्वाज ने प्रथम, वन रक्षक वींकेश ने द्वितीय तथा वन खंड अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में ‘जंगल से इंसान तक’ विषय पर प्रस्तुत स्किट ने दर्शकों को पर्यावरण और वन्यजीवों के बीच गहरे संबंध के प्रति जागरूक किया। समारोह में डॉ. संजय सूद, प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) आलोक प्रेम नागर, प्रधान मुख्य अरण्यपाल एवं चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन अनु नागर, स्वास्थ्य विभाग के सलाहकार के. थिरूमल, मुख्य अरण्यपाल एवं अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन्यजीव), अरण्यपाल (वन्यजीव वृत्त) शिमला प्रीति भंडारी सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न संस्थानों के छात्र-छात्राएं और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।











