शिमला टाइम
जिला मुख्यालय के डीसी कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में गुरुवार को सड़क सुरक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति की अध्यक्ष किरण भड़ाना ने की। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सड़क इंजीनियरिंग, जंक्शन व इंटरसेक्शन प्रबंधन, सड़क निर्माण सामग्री, यातायात नियंत्रण उपकरण, डेलीनेटर और सड़क किनारे सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई। साथ ही चिन्हित दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट पर की गई कार्रवाई और वहां आवश्यक सुधारात्मक कदमों पर भी मंथन हुआ। ओवरस्पीडिंग, मानवीय त्रुटियों और यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित दुर्घटना आंकड़ों के आधार पर दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों और आम जनता को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने, सुरक्षित यातायात आदतों, परिस्थितिजन्य जागरूकता, निर्णय लेने की क्षमता तथा ‘गुड सेमेरिटन’ के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए गोल्डन ऑवर, एंबुलेंस की त्वरित उपलब्धता और आपातकालीन कॉल सेवाओं की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई।
बैठक में यातायात नियमों के उल्लंघन पर निगरानी और कार्रवाई, स्कूल जोन सुरक्षा, व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस, फिटनेस प्रमाणपत्र, स्पीड लिमिटिंग डिवाइस, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र तथा अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता जैसे विषय भी उठाए गए। वाहन चालकों को डिफेंसिव ड्राइविंग, प्री-ट्रिप निरीक्षण, थकान और ध्यान भटकने से होने वाले जोखिमों के प्रति जागरूक करने पर भी बल दिया गया।
यातायात प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से मजबूत करने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी, सर्विलांस कैमरे, स्पीड एवं नंबर प्लेट डिटेक्शन सेंसर तथा कमांड एवं कंट्रोल सेंटर जैसी व्यवस्थाओं पर भी विचार किया गया।
सड़क अवसंरचना के तहत खराब पेवमेंट, अपर्याप्त स्किड रेजिस्टेंस, संकरे या अनुपस्थित शोल्डर, सड़क की खराब ज्यामिति, अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा अवरोधकों की कमी की समीक्षा की गई। इसके अलावा चालक प्रशिक्षण, वार्षिक रिफ्रेशर कार्यक्रम, वाहन रखरखाव और दुर्घटना-मुक्त वाहन चालकों को प्रोत्साहन देने संबंधी विषयों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को सड़क सुरक्षा मित्र (SSM) प्रशिक्षण देकर जिला सड़क सुरक्षा समितियों के साथ जोड़ने पर भी विचार किया गया। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े विषयों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने और आपसी समन्वय से सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में एसडीएम कुनिका ऐकर्स, डीएफओ इंद्रजीत सीरा, पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला, डीएसपी केडी शर्मा, अधिशाषी अभियंता विद्युत सूर्या शर्मा, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग अश्वनी गुलेरिया, तहसीलदार विकास कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमके गांधी, आरएम एचआरटीसी अंशित शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।











