शिमला टाइम, रामपुर बुशहर
रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नंद लाल का मंगलवार सुबह निधन हो गया। उनके निधन की सूचना से रामपुर सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। नंद लाल लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। बीते दो दिनों से उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्हें आईजीएमसी शिमला में भर्ती करवाया गया था। वह आईसीयू में उपचाराधीन थे। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
नंद लाल एक सौम्य, सरल और सिद्धांतों पर चलने वाले जनप्रतिनिधि के रूप में पहचाने जाते थे। उनका अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ हमेशा सहयोगात्मक व्यवहार रहा। वह जनसमस्याओं को लेकर संवेदनशील रहने के साथ-साथ उदार व्यक्तित्व के धनी थे। सरकारी अधिकारियों के प्रति उनका सहयोगात्मक रवैया और आम जनता के बीच उनकी लोकप्रियता उनकी विशिष्ट पहचान रही।
उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और क्षेत्र के लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। लोगों ने उन्हें जनमानस से जुड़ा ऐसा नेता बताया, जिन्हें उनके बहुआयामी व्यक्तित्व, सरल स्वभाव और जनसेवा के लिए हमेशा याद किया जाएगा।
उनके निधन से रामपुर ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि खो दिया है।

नंद लाल का राजनीतिक सफर वर्ष 2007 में शुरू हुआ था। उन्होंने आईटीबीपी में कमांडो के रूप में सेवाएं देने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में कदम रखा। वर्ष 2007 में पहली बार रामपुर से विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद 2012, 2017 और 2022 में लगातार विधानसभा चुनाव जीतकर चौथी बार विधानसभा पहुंचे। वर्ष 2013 से 2017 तक वह मुख्य संसदीय सचिव भी रहे। विधानसभा में उन्होंने कल्याण समिति के सभापति के अलावा ग्रामीण नियोजन और आचार समिति के सदस्य के रूप में भी जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2024 में प्रदेश सरकार ने उन्हें सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया। इस पद पर रहते हुए उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्रदान किया गया था। आयोग का प्रमुख दायित्व प्रदेश की ग्राम पंचायतों और नगर निकायों की वित्तीय स्थिति का आकलन कर उनके लिए संसाधनों के बंटवारे और अनुदान को लेकर सरकार को सिफारिशें देना था।
नंद लाल का राजनीतिक जीवन शुरू होने से पहले सुरक्षा बलों में लंबा और उल्लेखनीय सेवाकाल रहा। ITBP के कमांडो दस्ते से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद उन्होंने 1985 से 1997 तक स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में सेवाएं दीं। इस दौरान वह गांधी परिवार की सुरक्षा से भी जुड़े रहे।








