एनएच-05 का किंगल से सुरू ( पोवारी) तक करीब 71 किलोमीटर हिस्सा NHAI के अधीन
शिमला टाइम, रामपुर बुशहर
राष्ट्रीय राजमार्ग-05 पर अवैध रूप से रेत उतारने, भंडारण करने और बिक्री करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपमंडलाधिकारी रामपुर ने निरसु से दत्तनगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अवैध रूप से जमा रेत की पहचान कर उसे जब्त करने और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के आदेश जारी किए हैं। इस पूरी कार्रवाई को आदेश प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपमंडलाधिकारी रामपुर की ओर से शनिवार को जारी आदेश के अनुसार, गुरुवार रात रामपुर बस स्टैंड के पास अवैध रूप से निकाली गई रेत से लदे तीन टिप्पर पकड़े गए थे, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में लिया है। इसके अलावा युगवीन स्वीट शॉप और जियो पेट्रोल पंप निरसु के आसपास भी अवैध रूप से रेत उतारने और उसका भंडारण करने का मामला प्रशासन के ध्यान में आया है।
आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-05 के किनारे इस तरह रेत जमा करने से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हो रहा है। इससे यातायात की आवाजाही प्रभावित होने के साथ सड़क सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो रहा है। इस मामले को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में चल रहे फलोदी दुर्घटना बनाम एनएचएआई एवं अन्य मामले से भी जोड़कर देखा गया है।
प्रशासन ने जिला खनन अधिकारी और थाना प्रभारी रामपुर को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि और राइट ऑफ वे में अवैध रूप से जमा रेत की पहचान कर उसे जब्त किया जाएगा। जब्त रेत को वजीर बावड़ी के पास खाली सरकारी भूमि पर रखा जाएगा, जहां लोक निर्माण विभाग के कब्जे वाली भूमि पर खनन विभाग अस्थायी भंडारण कर सकेगा।
कार्रवाई पूरी होने के बाद अधिकारियों को जब्त रेत की सूची, तस्वीरों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा भी प्रशासन को सौंपना होगा। इसके अतिरिक्त रेत के ढेरों की लगातार निगरानी के लिए संबंधित स्थानों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले पीटीजेड सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इनकी निगरानी पुलिस विभाग करेगा।
गौर हो कि रामपुर से गुजरने वाले एनएच-05 का किंगल से सुरू ( पोवारी) तक करीब 71 किलोमीटर हिस्सा 21 अक्तूबर को लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल रामपुर से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को हस्तांतरित किया गया है। हालांकि, आदेश में परियोजना निदेशक की नियुक्ति नहीं होने का उल्लेख करते हुए फिलहाल संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।











